दोस्तों यदि आप विटामिन सी की प्रचुर मात्रा में सेवन के लिए विकल्प को खोज रहे हैं तो आंवला (amla) से बेहतर कुछ हो ही नहीं सकता हैं। आंवला खाने के फायदे क्या-क्या हमारे जीवन में हो सकते हैं आईये आज इस विषय पर जानकारी प्राप्त करते हैं और साथ ही आंवला हमारे किन 10 रोगों के उपचार हेतु उपयोग किया जा सकता है यह भी जानते हैं।
आंवला (amla) के निरंतर सेवन से हमारी त्वचा के साथ-साथ हमारी इम्यूनिटी में भी सुधार आता है। आंवला के निरंतर सेवन से हमारा पाचन भी मजबूत बनता है वह पाचन से संबंधित समस्याएं भी दूर हो जाती है साथ ही ब्लड शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है।
आंवला (amla) यह एक ऐसा फल है जो हमारे जीवन में औषधि के रूप में भी काम आता है जो हमारी कई प्रकार की बीमारियों को जड़ से समाप्त करने के लिए बहुत उपयोगी है। आंवला (amla) में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, मिनरल और न्यूट्रिएंट्स होते हैं। अमला को हम कई प्रकार से सेवन कर सकते हैं जैसे- मुरब्बा के रूप में, जूस के रूप में, आचार के रूप में, आंवला पाउडर के रूप में, और चवनप्राश के रूप में।
चरक संहिता में भी आंवला (amla) से होने वाले कुछ महत्वपूर्ण लाभों को दर्शाया गया है।
जैसे- बुखार को कम करने में खांसी को ठीक करने में एवं कुष्ठ रोग का नाश करने वाली औषधि के रूप में भी आंवले का उपयोग किया जाता है।
आंवला में पाए जाने कुछ खास पोषक तत्व -
1. विटामिन सी
2. एंटीऑक्सीडेंट
3. कैल्शियम
4. आयरन
5. पोटेशियम
6. फलैवोनोइड़्स
7. ऐन्थोसाइनिन
- संक्षिप्त रूप में जानते हैं कि आंवला खाने से क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।
1. हमारे खून को साफ करता है।
2. जलन की परेशानी में राहत प्रदान करता है।
3. दस्त में लाभ प्रदान करता है।
4. मधुमेह रोग में।
5. जॉन्डिस होने पर।
6. हाइपर एसिडिटी।
7. एनीमिया
8. रक्तपित
9. वात पित्त के साथ-साथ बवासीर या हेमोराइड़ में लाभ।
10. सांस की बीमारी में लाभ
11. खांसी और कफ में राहत
12. आंखों की परेशानी में राहत
13. गठिया रोग में भी लाभ प्रदान करता है(अम्लीय गुण के कारण)
14. बुखार में राहत
15. साथी शरीर के पित्त, वात, और कैफ की समस्याओं को संतुलित बनाए रखने में भी कारगर है।
Note:-
- आंवला की तासीर:- यदि आंवला के तासीर की बात की जाए तो इसकी तासीर शीत (ठंडी) होती है सर्दी में इसके सेवन से शरीर शीतल होता है इसलिए इसका फल के रूप में डायरेक्ट सेवन करने से बचना चाहिए।
आईए जानते हैं आंवला खाने से होने वाले 10 फायदे के बारे में :-
- यह आंखों की एक ऐसी तकलीफ है जो आजकल आमतौर पर उम्र के साथ-साथ सभी को मोतियाबिंद होना एक आम बात सी हो चुकी है और इसमें यदि समय पर इसका इलाज प्राप्त न हो तो हमारी आंखों के जाने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।
- इससे बचने के लिए आंवला के साथ रसांजन, मधु और घी मिला ले इस मिश्रण को आंखों में लगाने से मोतियाबिंद के उपचार में लाभ प्राप्त होता है।
- आंख आने पर:- आंवला के पत्ते और फल का मिश्रण आंखों में लगाने से राहत मिलती है।
- आंखों में खुजली होने पर:- पिसे हुए आंवला के पेस्ट को पोटली में बांधकर आंखों पर लगाने से जलन एवं खुजली में राहत मिलती है।
- आंखों में दर्द: - आंवला के एक या दो बूंद रस को आंखों में डालने से आंखों के दर्द में भी राहत मिलती है।
2.हृदय के लिए फायदेमंद है आंवला :-
- आंवला में उच्च मात्रा में फाइबर और प्रचुर मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है। इन दोनों गुना के कारण हमारे शरीर का रक्तचाप नियंत्रित रहता है। जिस वजह से हमारे कोलेस्ट्रोल का स्तर भी काम रहता है।
- इसके अलावा इसमें एक गुण और पाया जाता है एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण यह गुण हमारे हृदय की रक्त वाहिकाओं में सूजन को कम करने का कार्य भी करता है।
3.बालों के उपचार हेतु भी फायदेमंद है आंवला:-
- बालों की समस्याओं के बारे में बात की जाए और आंवला (amla) के बारे में विचार ना हो - आंवला हमारे बालों की जड़ों को मजबूती प्रदान करता है, जिससे हमारे बाल झड़ना कम हो जाते हैं। आंवला में मुख्यतः प्रचुर मात्रा में दो गुण पाए जाते हैं विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट यह दोनों गुणो के तत्व हमारे बालों की ग्रोथ के लिए एक वरदान से काम नहीं है।
4.कैंसर के उपचार में फायदेमंद है आंवला :-
- आंवला में रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने के गुण पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में कैंसर जैसी बड़ी बीमारी को फैलने वह उसे रोकने में मदद करता है।
5.त्वचा के लिए फायदेमंद है आंवला :-
- त्वचा के संदर्भ में यदि आंवला (amla) के गुणो (Benefits) की बात की जाए तो इसमें एंटीऑक्सीडेंट का गुण पाया जाता है, जो आंवला के निरंतर सेवन से हमारे शरीर की त्वचा मे झुर्रीया बढ़ने से बचाता है।
- हमारी त्वचा में कोलेजन का गुण पाया जाता है कोलेजन यह एक प्रकार से हमारे त्वचा के लिए प्रोटीन का कार्य करता है, जो यह निर्धारित करता है कि हमारी त्वचा में कितनी नमी रहे। आंवला कोलेजन का उत्पादन को बढ़ता है जिससे झुर्रीया कम होती है।
6.फैट बर्न वजन घटाने में फायदेमंद है आंवला :-
- डॉक्टर के कथन के अनुसार यदि हमें हमारे शरीर से पेट व फेट को कम करना है तो निरंतर विटामिन सी (अर्थात खट्टे फलों का) का उपयोग दिन में एक बार अवश्य करना चाहिए और हमें अब यह ज्ञात हो चुका है कि आंवला में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है । इसमें कम कैलोरी भी होती है और यह हमारे मेटाबॉलिज्म को भी तेज करता है। आंवला के सेवन से अधिक खाने की इच्छा भी कम होती है और यह हमारे शरीर के विषैले पदार्थ को भी काम करके उन्हें बाहर निकलने में मदद करता है। जो वजन घटाने में अति महत्वपूर्ण प्रक्रिया को निभाते हैं।
7.कब्ज संबंधी उपचार के लिए फायदेमंद है आंवला :-
- निरंतर आंवला के सेवन से हम पुरानी से पुरानी कब्ज का उपचार कर सकते है , आंवला में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो हमारे आंतो के लिए अमृत का कार्य करता है और पेट के अम्ल व पेट से गुड बैक्टीरिया के बीच एक संतुलन को बनाये रखता है ।
8.गले की खराश के लिए भी फायदेमंद है आंवला :-
- यदि हम रसों के बारे में थोड़ी जानकारी ले तो लवण रस को छोड़कर वाला में पांच प्रकार के रसों का संगम प्रचुर मात्रा में देखने को मिलता है जिसमें से मधुर, कषाय, कटु, अम्ल और तिक्त, इसमें से मधुर और कषाय रस ऐसे हैं जो हमारे गले की खराश को कम वह उसे उसके उपचार हेतु बहुत लाभदायक है।
9.गठिया (Gout) रोग व उससे होने वाले दर्द में भी राहत देता है आंवला -
- उम्र के साथ हमारे शरीर में खाने की पाचन क्षमता भी कम होती जाती है जिससे हमारे शरीर में एसिड अम्लों एवं यूरिक अम्ल की मात्रा बढ़ती जाती है।
- यह यूरिक अम्ल क्रिस्टल के रूप में धीरे-धीरे हमारे शरीर की हड्डियों के जोड़ अर्थात जॉइंट में यह क्रिस्टल एकत्रित होते जाते हैं।
- जिससे वृद्धावस्था में जोड़ों में दर्द और सूजन होने की संभावनाएं बढ़ जाती है इस समस्या में डॉक्टर द्वारा हमें परामर्श दिया जाता है कि प्रोटीन से संबंधित खाने का हमें अब त्याग करना होगा क्योंकि इस अवस्था में हमारा शरीर हाई प्रोटीन वाले खाने को पचाने में सक्षम नहीं होता है।
- यहां आंवले का विकल्प हमारे लिए एक ऐसा अमृत है जो धीरे-धीरे हमारी इस समस्या से निवारण दिलाने में मदद करता है। इसके उपचार हेतु हमें 20 ग्राम सूखे आंवला और 20 ग्राम गुड़ लेकर हमें दो गिलास पानी में इतना उबालना है जब तक हमारा पानी आधा (एक गिलास) जितना ना रह जाए।
- इस पानी को छानकर सुबह शाम निरंतर पीने से गठिया रोग में हमें लाभ प्राप्त होता है।
10.धातु रोग में फायदेमंद है आंवला :-
- जिन पुरुषों को यदि धातु रोग की समस्या है वह इसके उपाय हेतु 10 ग्राम आंवला चूर्ण गुठली रहित लेकर अच्छे से धूप में पूरा सुखा लें और इसके अच्छे से चूर्ण को बना ले।
- अब इसमें दुगनी मात्रा में मिश्री मिलाकर ताजा पानी के साथ 15 दिनों तक लगातार सेवन करने से शुक्रमेह एवं स्वप्नदोष जैसे आदि रोगों में निश्चित रूप से हमें लाभ देखने को मिलता है।
संभावित पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ's) :-
- जूस के रूप में - रोजाना 20 से 30 मिली लीटर
- 2. कच्चा आंवला - एक दिन में एक दो या तीन।
1. तासीर शीत होने के कारण सर्दियों में फल के रूप में खाने से थोड़ा बचना चाहिए।
2. ज्यादा आंवला के सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती है।
3. खून का पतला होना।
4. पेट में गैस और अपच को बढ़ा सकता है।
5. रक्त शर्करा में परिवर्तन कर सकता है।
इसलिए अगर इसे सही तरीके से और संतुलित और उचित मात्रा में सेवन किया जाए तो यह शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
Disclaimer(अस्वीकरण): योग हेल्थ टिप्स द्वारा ऊपर दी गई यह आर्टिकल सामग्री लेख केवल एक सामान्य जानकारी प्रदान करना है यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं हो सकता है अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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